अगर आप बिहार से बाहर किसी अन्य राज्य या शहर में नौकरी, पढ़ाई या अन्य कारणों से रहते हैं, तो हर चुनाव के समय आपके मन में यह विचार जरूर आता होगा – “काश इस बार वोट डालने घर जा पाता।” लेकिन अब आपको इसकी चिंता करने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि बिहार सरकार ने एक ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए ई-वोटिंग (E-Voting) की सुविधा शुरू की है।
Bihar E-Voting Registration 2025: एक नजर में
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| योजना का नाम | बिहार ई-वोटिंग रजिस्ट्रेशन 2025 |
| लागू करने वाला विभाग | बिहार राज्य निर्वाचन आयोग |
| लाभार्थी | प्रवासी मतदाता, गर्भवती महिलाएं, 70+ उम्र के बुजुर्ग |
| पायलट प्रोजेक्ट | बिहार के चुनिंदा निकायों में |
| वोटिंग माध्यम | स्मार्टफोन ऐप (ई-वोटिंग ऐप) |
| पंजीकरण की अंतिम तिथि | 22 जून 2025 |
| वोटिंग तिथि | 28 जून 2025 (सुबह 7:00 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक) |
| शामिल जिले | पटना, हाजीपुर, बिहारशरीफ, मोतिहारी, बाढ़, मसौढ़ी आदि |
| आधिकारिक वेबसाइट | राज्य निर्वाचन आयोग, बिहार |
Bihar E-Voting Registration 2025: प्रवासियों के लिए वरदान
बिहार भारत का पहला राज्य बन गया है जहाँ मोबाइल ऐप के माध्यम से ई-वोटिंग की सुविधा शुरू की गई है। इससे प्रवासी मतदाताओं को अब लंबी यात्रा करने या चुनावी बूथ पर लाइन में खड़े होने की आवश्यकता नहीं होगी। यह सुविधा निम्नलिखित लोगों के लिए विशेष रूप से लाभकारी है:
- प्रवासी श्रमिक (दूसरे राज्यों या देशों में काम करने वाले)
- छात्र (बिहार से बाहर पढ़ाई कर रहे)
- गर्भवती महिलाएं
- 70 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्ग
- दिव्यांग व्यक्ति
ई-वोटिंग के लिए पंजीकरण प्रक्रिया
- ई-वोटिंग ऐप डाउनलोड करें – आधिकारिक ऐप को Google Play Store या Apple App Store से डाउनलोड करें।
- मतदाता पहचान दर्ज करें – अपना वोटर आईडी या आधार कार्ड नंबर डालें।
- OTP सत्यापन – रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर OTP प्राप्त करके सत्यापन करें।
- बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण – फिंगरप्रिंट या फेस रिकॉग्निशन के माध्यम से पहचान सत्यापित करें।
- ई-वोटिंग शेड्यूल चुनें – निर्धारित तिथि (28 जून 2025) पर वोट डालें।
महत्वपूर्ण तिथियाँ
| घटना | तिथि |
|---|---|
| ई-वोटिंग की घोषणा | 14 जून 2025 |
| पंजीकरण शुरू | 14 जून 2025 |
| पंजीकरण की अंतिम तिथि | 22 जून 2025 |
| ई-वोटिंग दिवस | 28 जून 2025 |
| वोटिंग समय | सुबह 7:00 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक |
ई-वोटिंग किन जिलों में लागू होगी?
इस योजना की शुरुआत पायलट प्रोजेक्ट के रूप में निम्नलिखित क्षेत्रों में की गई है:
- नगर पंचायतें: महसी (पूर्वी चंपारण), पकड़ीदयाल (पूर्वी चंपारण), फुलवारीशरीफ (पटना)
- नगर निगम क्षेत्र: दानापुर, खगौल, बिहारशरीफ, हाजीपुर
- उपविभाग: बाढ़, बख्तियारपुर, मसौढ़ी, मोतिहारी
ई-वोटिंग की सुरक्षा एवं गोपनीयता
बिहार निर्वाचन आयोग ने यह सुनिश्चित किया है कि:
- वोटिंग प्रक्रिया एंड-टू-एंड एन्क्रिप्टेड होगी।
- मतदाता की पहचान गुप्त रखी जाएगी।
- ब्लॉकचेन तकनीक का उपयोग करके धांधली की संभावना को खत्म किया गया है।
ई-वोटिंग का भविष्य एवं महत्व
यह पहल न केवल बिहार, बल्कि पूरे भारत के लोकतंत्र को मजबूत करने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है। अगर यह प्रयोग सफल रहा, तो भविष्य में अन्य राज्यों और राष्ट्रीय चुनावों में भी ई-वोटिंग को लागू किया जा सकता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
Q1. क्या सभी मतदाता ई-वोटिंग का उपयोग कर सकते हैं?
➡ फिलहाल, यह सुविधा केवल पंजीकृत प्रवासी मतदाताओं, गर्भवती महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों के लिए उपलब्ध है।
Q2. क्या ई-वोटिंग के लिए इंटरनेट अनिवार्य है?
➡ हाँ, स्मार्टफोन और सक्रिय इंटरनेट कनेक्शन आवश्यक है।
Q3. क्या वोटिंग ऐप सभी मोबाइल फोन पर काम करेगा?
➡ जी हाँ, यह ऐप Android और iOS दोनों प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है।
Q4. अगर वोटिंग के दिन तकनीकी समस्या आती है तो क्या होगा?
➡ ऐसी स्थिति में निर्वाचन आयोग की हेल्पलाइन (1800-XXX-XXX) पर संपर्क करें।
Q5. क्या ई-वोटिंग के बाद फिर से बूथ पर वोट डाल सकते हैं?
➡ नहीं, एक बार ई-वोटिंग करने के बाद आप फिजिकल वोटिंग नहीं कर सकते।
निष्कर्ष
Bihar E-Voting Registration 2025 भारतीय लोकतंत्र में एक नए युग की शुरुआत है। यह प्रवासी मतदाताओं को सशक्त बनाने और मतदान प्रतिशत बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। अगर यह पहल सफल होती है, तो भविष्य में पूरे देश में ई-वोटिंग को अपनाया जा सकता है।
👉 अधिक जानकारी के लिए आधिकारिक वेबसाइट पर जाएँ: https://sec.bihar.gov.in
📢 नवीनतम अपडेट के लिए राज्य निर्वाचन आयोग के नोटिफिकेशन चेक करते रहें।
